नमस्कार दोस्तों, आज आपके इस नए ब्लॉग में आपका फिर से स्वागत है आज हम जानेगे कि etf kya hota hai
etf का पूरा मतलब होता है एक्सचेंज ट्रेड फंड यानी की ऐसा फंड जिसकी ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंज पर होती है यह एक प्रकार का निवेश फंड है हम जानते है, कि जब हम किसी म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो हमें म्युचुअल फंड की यूनिट्स मिलती है जिसकी प्राइस दिन में सिर्फ एक बार मार्केट क्लोज होने के बाद ही चेंज होती है पर एक अलग तरह के फंड होते हैं जिनकी यूनिट्स की ट्रेडिंग स्टॉक मार्केट में ठीक एक शेयर की तरह होती है जिसकी वजह से इनकी प्राइस भी हर सेकंड चेंज होती रहती है और हम इन्हें एक स्टॉक की तरह आसानी से बाई और सेल कर सकते हैं |
etf कई तरह की संपत्तियों का संग्रह होते हैं जैसे स्टॉक, बॉन्ड, कमोडिटी या मिक्स जैसी संपत्तियों का संग्रह होता है।
उदाहरण के लिए : S&P 500 ETF में S&P 500 इंडेक्स में 500 कंपनियों के स्टॉक शामिल होते हैं।
ETF ट्रेड दिन में बाजार मूल्य पर खरीदा और बेचा जा सकता है, ठीक वैसे ही जैसे किसी कंपनी के शेयर होते हैं।
एक ETF में निवेश करके, आपको कई प्रतिभूतियों में निवेश मिलता है, जो जोखिम को कम करने में मदद करता है।
कई ETF अत्यधिक लिक्विड होते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें खरीदना और बेचना आसान है।
ETF कई के प्रकार के होते है जैसे :-
स्टॉक ETF – S&P 500 या Nasdaq जैसे इंडेक्स को ट्रैक करें।
बॉन्ड ETF – सरकारी, नगरपालिका या कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करें।
कमोडिटी ETF – सोने या तेल जैसी कमोडिटी की कीमत को ट्रैक करें।
सेक्टर ETF – तकनीक, स्वास्थ्य सेवा या ऊर्जा जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें।
थीमैटिक ETF – स्वच्छ ऊर्जा, AI या उभरते बाजारों जैसी थीम पर आधारित।
उलटा/लीवरेज्ड ETF – अल्पकालिक ट्रेडिंग के लिए डिज़ाइन किया गया; जोखिम भरा और अधिक जटिल।
उदाहरण:
SPY – S&P 500 इंडेक्स को ट्रैक करता है।
QQQ – Nasdaq-100 इंडेक्स को ट्रैक करता है।
GLD – सोने की कीमत को ट्रैक करता है।
ETF में अक्सर म्यूचुअल फंड, खासकर इंडेक्स ETF की तुलना में कम प्रबंधन शुल्क होता है।
दोस्तों म्युचुअल फंड व etf में यह फर्क भी होता है कि etf में हमें कोई मैनेजमेंट फीस नहीं देनी पड़ती है क्योंकि हम इन्हें शेयर कि तरह buy एंड sell करते है तो शेयर कि तरह ही ब्रोकरेज और टैक्सेस देना पड़ता है स्टॉक मार्केट में लगने वाले सभी फीस और ब्रोकरेज के बारे में हम ब्लॉग में आगे जानेंगे दोस्तों अगर हम डायरेक्टली स्टॉक में खुद से इन्वेस्ट नहीं करना चाहते तो इनडायरेक्ट स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए म्युचुअल फंड्स और etf सबसे अच्छे ऑप्शंस होते हैं हम आसानी से अपना डीमेट अकाउंट खोलकर इसमें इन्वेस्ट कर सकते हैं हमें इनमें ज्यादा रिसर्च करने की और समझना की जरूर भी नहीं होती और हम म्युचुअल फंड्स में ₹500 से भी इन्वेस्टिंग स्टार्ट कर सकते हैं दोस्तों अगर हम रेगुलरली अच्छी सेविंग कर रहे हैं और रेगुलरली म्युचुअल फंड्स में या ई टी एफ में इन्वेस्ट कर रहे हैं तो हम लॉन्ग टर्म में काफी अच्छे पैसे बना सकते हैं पर इसके लिए हमें रेगुलरली इन्वेस्ट करना जरूरी है क्योंकि शॉर्ट में मार्केट भले ही कहीं भी जाए पर लॉन्ग टर्म में मार्केट ऊपर ही जाता है